ब्लॉग आर्काइव

गुरुवार, 24 दिसंबर 2015

(1)
अमीरों की रोटी
गरीबों की बोटी
अमीर लूट के खाते हैं
गरीब लुटाते रह जाते हैं
थाली में रोटियां
आती है गिनकर
अमीर सब्जियों की
कटोरियाँ गिनते रह जाते हैं ।

(2)
गरीबी तो एक दुआ है
चैन की शाम और सुबह है
करोडो की है संपत्ति
ये रंग लीला चार दिन की
दौलत की दुनिया में रहकर
गरीबों की आह में पलकर
कौन रह पाया है सुखी
जीवन भर रह गए दुखी |

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