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गुरुवार, 24 दिसंबर 2015

दिल की बात

जब उससे बात होती है,
एक एहसास दिल में होती है ।
दूर होके भी पास होती है,
जब तेरी एहसास साथ होती है।
तू दूर रहे या पास,
हर पल तू होती है मेरे लिए खास ।
जीवन में एहसास तेरा,
जीवन नाव का पतवार मेरा ।
मेरी सांसो की तू कड़ी है,
आँखों में समाये मोती की लड़ी है ।
दूर होके हो जाता हूँ मैं सुना,
तेरे बिन मेरा जीवन है अधूरा ।
बस इंतजार में रहता हूँ हरपल,
तेरे एहसास से बढ़ रहा मेरा जीवन कलकल।
एक आहट से तेरी,
सांसे चल उठती है मेरी ।
जो न हो तेरा एहसास,
थम जाये मेरा सारा जीवन आज ।
न जाने कौन सी वो घडी थी,
जब तू मेरे जीवन दरवाजे पर खड़ी थी ।
वो दिन था जब मैं केवल जिन्दा था,
तब मैं एक पिंजरे का परिंदा था ।
जीवन का एहसास दिलाया तूने,
जीने का अंदाज सिखाया तूने ।
कर्ज तेरा है मेरे जीवन पर,
फर्ज तू कहती है इसे सजन पर ।
ना जाने क्या है मेरे पूण्य,
जो तू मुझे मिली है अमूल्य ।
मेरी जीवन संगनी अन्नू की यादो में ...
अनपढ़ कवि
लोकनाथ सेन(अल्करहा)
मो 9977580623

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