ब्लॉग आर्काइव

मंगलवार, 8 मार्च 2016

जीवन संघर्ष
चरण स्पर्श।
जीवन माया
नश्वर काया।
जीवन आश
होता उपहास।
जीवन भार
मन आभार।
जीवन जन
फैले कणकण।
जीवन जाल
जग जंजाल।
जीवन प्रहार
होते संहार।
जीवन अनंत
कई पंत।
जीवन भान
अनंत अभियान।
जीवन सागर
भरी गागर।
जीवन नाव
धुप और छाव।
जीवन भाव
नहीं ठहराव।
��लोकनाथ सेन

नारी के महिमा अपार हे,
तोर बिना सुन्ना,
घर संसार हे।

जीवन मरन में,
संग ते निभाये।
लइका सियान के,
मन के भाये।

नारी के महिमा,
अपार हे।
तोर बिना सुन्ना,
घर संसार हे।

नारी हमन ल,
जनम देवईया।
दुख सुख म हमर,
संग निभईया।

नारी के महिमा,
अपार हे।
तोर बिना सुन्ना,
घर संसार हे।

ज्ञान देवईया,
राह देखईया।
भला बुरा के
भेद बतईया।

नारी के महिमा,
अपार हे।
तोर बिना सुन्ना,
घर संसार हे।

लईका सियान ल
मया करईया।
सब्बों के दख ल,
पल हरईया।

अनपढ़
लोकनाथ सेन
मो. 9977580623