शिक्षा का राजनीती ने
क्या हाल कर दिया,
स्कूल हुआ सुनसान,
शिक्षा को बदहाल कर दिया।
गौरवपूर्ण पद को,
राजनीती ने बदनाम कर दिया।
समाज तंत्र जिस पर टिका था,
जिस ज्ञान से इतिहास मिला था,
आज वो इतिहास आ रो रहा है,
देखो आज शिक्षानीति सो रहा है।
देख जमाने ने रंग है बदला,
शिक्षको पर हो रहे है हमला।
समझ न आये कौन है दोषि,
चहु और है छायी खामोसी।
अब तो समझो जगत प्रणेता,
शिक्षक हो ना बनो राजनेता।
संसार चिरनिद्रा में सोई है
तुमने अपनी इज्जत खुद खोयी है😥😥
✒लोकनाथ सेन
बलौदा बाजार
क्या हाल कर दिया,
स्कूल हुआ सुनसान,
शिक्षा को बदहाल कर दिया।
गौरवपूर्ण पद को,
राजनीती ने बदनाम कर दिया।
समाज तंत्र जिस पर टिका था,
जिस ज्ञान से इतिहास मिला था,
आज वो इतिहास आ रो रहा है,
देखो आज शिक्षानीति सो रहा है।
देख जमाने ने रंग है बदला,
शिक्षको पर हो रहे है हमला।
समझ न आये कौन है दोषि,
चहु और है छायी खामोसी।
अब तो समझो जगत प्रणेता,
शिक्षक हो ना बनो राजनेता।
संसार चिरनिद्रा में सोई है
तुमने अपनी इज्जत खुद खोयी है😥😥
✒लोकनाथ सेन
बलौदा बाजार

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