ब्लॉग आर्काइव

बुधवार, 11 मई 2016

कौड़ी की बात
बन जाती है खास
सुने जज्बात

घुमे जमाना
अपना न बनाना
जग बेगाना

रोक ले हमे
जहा में कोई नहीं
बेगाना सही

टुटा था दिल
तेरे दूर जाने से
आजमाने से

✒अनपढ़
लोकनाथ