ब्लॉग आर्काइव

गुरुवार, 3 मार्च 2016

भारत के गद्दारो को
घर घर को लूटने वालो को।
देश का हीरो बना रहे हो
शान देश की गिरा रहे हो।
व्यक्ति से व्यक्ति है टुटा
देश ने तुम्हारा क्या है लूटा।
बदला लेना है मैदा में आओ
छुपछुप के तुम कायर कहलाओ।
देख जमाना भी हस्ता है
इंतजार में हर पुत्र रहता है।
जिस दिन नजर में आवोगे
कायर बच न पाओगे।
अपनेपन का ढाल बनाया
अपनों को रक्त से नहलाया।
चैन की नींद सोने वालों
अशांति के बिज बोने वालो।
कब तुम खैर मनाओगे,
सामने आवोगे तो सीने में गोली खाओगे।
��अनपढ़
लोकनाथ सेन
मो 9977580623