दिल की बात
मन भ्रमित, विचार दिग्भ्रमित, मैं सम्मिलित। शुभ रात्रि ✒अनपढ़ कवि लोकनाथ सेन मो न 9977580623
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें