ब्लॉग आर्काइव

शुक्रवार, 15 जनवरी 2016

तुझे याद करते हुए सारी रात बैठा था,
याद नहीं की जागा था या सोया था ।
तश्वीर तेरी आँखों में छप गयी है,
याद रहति दिन रात तू वही है।
जीवन जीना भूल गया मैं,
जब से तेरा दीदार किया मैं ।
सुबह हुयी तो उठ गया,
लोगों ने बताया लूट गया।
सारी रात सीने से तश्वीर तेरा लगा रखा था,
तश्वीर में उस नाम तेरा माँ भारती लिखा रखा था।
��शुभ प्रभात��

✒ अनपढ़
लोकनाथ सेन
मो 9977580623

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