दिल की बात
जीवन जब बढ़ता है, इंसान खुद से लड़ता है, कमजोर दुसरो पर मढ़ता है, कवि कविताये गढ़ता है, ✒अनपढ़
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें