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बुधवार, 13 जनवरी 2016

सर्व शिक्षा अभियान

सर्व शिक्षा
अभियान,
झन कर अतका
अभिमान।
लेगाबो तोला,
शमशान।
तोर दया कृपा ले,
रोये लइका
अउ सियान।
शिक्षा के दुर्गति,
तोर कृपा हे अति।
मध्यान्ह भोजन
खवाये,
लइका ल अबड़,
खेलाये।
भवन सेप्टिक
सब्बो बनाये,
लइका मन ल
पढ़े लिखे
अनपढ़ बनाये।
न शिक्षा के पता,
न शिक्षक के पता,
चल चला
पोर्टफोलियो बना।
किसम किसम
के दिन गिनाए,
दाई दादा के,
मन भरमाये।
अधिकारी मन,
दबाके कमाए।
पैसा मिलिस पोठ,
अधिकारी मन के,
बडे बड़े गोठ।
शिक्षक मन ला,
डंडा परिस,
रोठ रोठ।
पढ़ाये ल भुलागे,
साग ल सुधारे,
वेतन बर
गली गली
छुछुवारे।
स्कूल ले बने,
शमशान हे,
पढ़े के लइक
उही बने
सुनसान हे।
जेन ल देखबे
तेन स्कूल में
आवत हे।
गुरूजी जी ल
चमकावत हे।
लईका मन
तको गुरूजी ल
डरवावत हे।
अंगूठा छाप नेता,
पढ़े लिखे गुरूजी ल
समझावत हे।
ले ग अब हमरो
बने दिन आवत हे।
✒ अनपढ़
लोकनाथ सेन
मो 9977580623

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