लोकनाथ सेन ''अनपढ़'' (Mo 9977580623)
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रविवार, 17 अप्रैल 2016
अनपढ़ दोहा (03)
मेरा मेरा क्यों करे,
क्या तेरा है बोल।
नश्वर काया ढो रहा,
क्या है तेरा मोल।
**दोहा**
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