दिल की बात
भागदौड़ है जिंदगी, कही नहीं ठहराव । धुप ही धुप फैला हुआ, मिलत नहीं है छाव।
आँखे अब नम हो चली, सावन की है आस। बून्द बून्द है बही, हर बून्द है खास।
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