ब्लॉग आर्काइव

गुरुवार, 17 मार्च 2016

एक बात कह दू आज तुम्हे
आँखों में बिठा लू आज तुम्हे
तुम एक मौका ही दे दो हमें
तारो में बिठा तू आज तुम्हे।
**अनपढ़

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