टूहूँ दिखा दिए न
टूहूँ दिखा दिए ग,
हमन ल टूहूँ दिखा दिए न ।
बड़ निक लागिश तोर गोठ,
फेर हमन ल तै, लबरा बना दिए न।
टूहूँ दिखा दिए ग,
हमन ल टूहूँ दिखा दिए न ।
बड़ मीठ मीठ गोठ ले तै,
हमन ल मूरख बना दिए न ।
मुरख बना दिए ग,
हमन ल तै, मुरख बना दिए न।
टूहूँ दिखा दिए ग,
हमन ल टूहूँ दिखा दिए न ।
तोर भरोसा म बइठ के हमन,
बड़ आस ल पालेन ग,
बड़ आस ल पालेन।
किस्मत फुटन लगिस त,
माथा धर के रोएन ग,
माथा धर के रोएन न।
टूहूँ दिखा दिए ग,
हमन ल टूहूँ दिखा दिए न ।
गुणवत्ता के नाम धरा,
गुणवत्ता वर्ष मनायेन ग,
गुणवत्ता वर्ष मनायेन ।
गुणवत्ता वर्ष मनायेन न ।
शिक्षाकर्मी नाम धरायेन,
सबो काम ल बिसारेन ग,
सबो काम ल बिसारेन न ।
टूहूँ दिखा दिए ग,
हमन ल टूहूँ दिखा दिए न ।
पढ़ई लिखई ल छोड़ के हमन,
मध्यान्ह भोजन बनायेन ग,
मध्यान्ह भोजन बनायेन न ।
घर म खाये बर दाना नई ये,
वेतन बर तरसेन ग,
वेतन बर तरसेन न ।
टूहूॅं दिखा दिए ग,
हमन ल टूहूॅं दिखा दिए न ।
आनी बानी दवई ल धरके हमन,
खोर गली म घुमेन ग,
खोर गली म घुमेन न ।
घर बिमार लईका बर,
दवई पानी बर तरसेन ग,
दवई पानी बर तरसेन न ।
टूहूॅं दिखा दिए ग,
हमन ल टूहूॅं दिखा दिए न ।
पेपर म बड़ हेडिंग अईस,
जइसे तै, करोड़पति बना दिये न,
हमन ल करोड़ पति बना दिये ग ।
वेतन बर हर महिना हमन,
गली खोर छुछवायेन ग,
गली खोर छुदवायेन न ।
टूहूॅं दिखा दिए ग,
हमन ल टूहूॅं दिखा दिए न ।
✒ अनपढ़ कवि
लोकनाथ सेन "लोकु"
बलौदा बाजार

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